जब तक बस्ती वशिष्ठ नगर नहीं हो जाएगा तब तक मैं आराम से नहीं बैठूंगा - जगद्गुरु रामभद्राचार्य

0 आकाश शुक्ला

 जब तक बस्ती वशिष्ठ नगर नहीं हो जाएगा तब तक मैं आराम से नहीं बैठूंगा -  जगद्गुरु रामभद्राचार्य

बढ़नी मिश्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के श्री मुख से वशिष्ठ रामायण कथा शुरू


बस्ती (आयुष्मान टाइम्स) महर्षि वशिष्ठ आश्रम बढ़नी मिश्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के श्री मुख से वशिष्ठ रामायण कथा का शुभारम्भ बुधवार को पादुका पूजन के साथ आरम्भ हुआ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य  ने गुरू बशिष्ठ को वैदिक काल के सबसे बड़े ऋषि-पुरोहित बताते हुये  उनके तप, त्याग, सिद्धि और क्षमा की महिमा पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आकाश में चमकते सात तारों के समूह में दाहिने से दूसरे वशिष्ठ का यश पत्नी अरुंधती सहित अनादिकाल से आज भी दमक रहा है। रामभद्राचार्य जी ने कहा कि बस्ती को वशिष्ठ नगर बनाने के लिए मैं मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से बात करूंगा और जब तक बस्ती वशिष्ठ नगर नहीं हो जाएगा तब तक मैं आराम से नहीं बैठूंगा ।

कथा के पूर्व मुख्य यजमान चन्द्रभूषण मिश्रा, उषा मिश्र, रत्नेश मिश्र ने विधि विधान से  पादुका पूजन किया । आयोजक राना दिनेश प्रताप सिंह और कमेटी के सदस्यों ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरू बशिष्ठ की महिमा का वर्णन करते हुये रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि इनके गुरुकुल में ही राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्रारंभिक शिक्षा हुई थी। राम द्वारा शिव-धनुषभंग के बाद दशरथ ने इनकी आज्ञा पाकर ही सकुटुम्ब मिथिला के लिए प्रस्थान किया था। रामकथा के अंत में इन्हीं के परामर्श पर राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था।

कथा के प्रथम दिन प्रमुख रूप से नगर पंचायत अध्यक्ष नगर श्रीमती नीलम सिंह ‘राना’ सतीश मिश्रा,  संतोष मिश्रा, आलोक मिश्रा, विकास मिश्रा, संजय मिश्रा, विशाल यादव, सच्चिदानंद मिश्रा, नीतीश पाण्डेय, अवधेश मिश्रा के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.