850 वर्गफुट रंगोली और 500 छात्रों की सहभागिता से गूंजा परिसर
बस्ती (आयुष्मान टाइम्स) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरक्ष प्रांत बस्ती द्वारा आज नगर के G.V.M. Convent School में समरसता दिवस का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। परिषद द्वारा यह दिवस भारत के संविधान के मुख्य शिल्पकार, सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर उनके समरस समाज के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक द्वीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद पूरे विद्यालय परिसर में समरसता, समानता और राष्ट्रभाव का वातावरण एक नई ऊर्जा से भर गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय कला मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा बनाई गई डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 850 वर्गफुट की भव्य रंगोली रही। यह रंगोली न केवल कला का अद्भुत स्वरूप थी, बल्कि अम्बेडकर जी के विचारों—समान अधिकार, शिक्षा और सामाजिक उत्थान—का जीवंत संदेश भी प्रस्तुत कर रही थी। रंगोली को देखने के लिए विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आगंतुकों की बड़ी संख्या उमड़ी।
इसके उपरांत करीब 500 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में समरसता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथियों ने अम्बेडकर जी के जीवन, उनके संघर्ष, संविधान के निर्माण में उनके योगदान, और सामाजिक समरसता के प्रति उनकी दृष्टि पर सारगर्भित विचार साझा किए। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रोफेसर सुषमा पांडे, नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि अंकुर वर्मा, विद्यालय संचालक संतोष सिंह, तथा कार्यक्रम संयोजक आशुतोष पांडे कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. सुषमा पांडे ने कहा—
“डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारत को समानता का पथ दिखाया। समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि वह आधार है जो समाज को जोड़ता है। विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य इसी मूल्य को युवाओं तक पहुँचाना है, क्योंकि युवा ही वह शक्ति हैं जो समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।”
नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि अंकुर वर्मा ने अपने संबोधन में कहा—
“अम्बेडकर जी का जीवन सामाजिक न्याय का प्रतिरूप है। ABVP जिस समर्पण से छात्रों में समरसता का संदेश पहुँचा रही है, वह समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब युवा समानता और एकता को अपनाते हैं, तब समाज में किसी भी प्रकार का विभाजन समाप्त हो जाता है।”
विद्यालय संचालक संतोष सिंह ने कहा—
“विद्यालय वह स्थान है जहाँ बच्चों में मूल्य निर्माण होता है। आज का आयोजन विद्यार्थियों में अम्बेडकर जी के आदर्श—शिक्षा, समान अधिकार और सामाजिक एकात्मता—को और मजबूती देगा। 850 sq.ft. की रंगोली उनके प्रति सम्मान और प्रेरणा का भव्य प्रतीक है।”
कार्यक्रम संयोजक आशुतोष पांडे ने कहा—
“समरसता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने एक ऐसे भारत का स्वप्न देखा था जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिले। आज 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता यह प्रमाण है कि नई पीढ़ी समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”
उन्होंने सभी अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन तथा राष्ट्रीय कला मंच के कलाकारों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों द्वारा समरसता संकल्प लिया गया, जिसमें समाज में समानता, भाईचारा और एकता को मजबूत करने का वचन दिया गया। ABVP बस्ती ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक रूप में आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।


