मंगलकारी है श्री हनुमानजी की उपासना-रामेश्वर नारायण

0 आकाश शुक्ला

 मंगलकारी है श्री हनुमानजी की उपासना-रामेश्वर नारायण


  9 दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा


बस्ती (आयुष्मान टाइम्स)  हनुमानजी की उपासना जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार करती है।  जो भक्त मन, वचन और कर्म से हनुमानजी का ध्यान करता है, उसके जीवन के सभी संकट हनुमानजी स्वयं हर लेते हैं।  हनुमानजी की भक्ति का अर्थ केवल शक्ति नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सच्ची श्रद्धा है। यह सद् विचार कथा व्यास आचार्य रामेश्वर नारायण ने बहादुरपुर विकास खण्ड के नरायनपुर बढईपुरवा गांव में 9 दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के आठवे दिन व्यक्त किया।

सुन्दर काण्ड की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये महात्मा जी ने कहा कि सुंदरकांड, रामचरितमानस का पंचम सोपान है, जो हनुमान जी की महिमा और वीरता का वर्णन करता है। इसका पाठ से बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है और भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं। सुंदरकांड में हनुमान जी की बुद्धि और बल से सीता जी की खोज का दिव्य वर्णन है, जिससे यह हनुमान जी की सफलता का प्रतीक माना जाता है। सुंदरकांड करने से मानव की अनेक मनोकामनाओं की पूर्ति, कठिन कार्यों में सफलता, भय और नकारात्मकता का नाश आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति में वृद्धि ,गृह क्लेश का निवारण और पारिवारिक खुशहाली, सकारात्मक ऊर्जा का संचार एवं संकटों और परेशानियों से मुक्ति प्राप्त होती है। सुन्दर काण्ड को केवल पढ़ना नहीं बल्कि उसको जीवन में व्यवहार में उतारो। सुन्दर काण्ड हमको बड़ों का सम्मान और विनम्रता ,समर्पण, सजगता अपने उद्देश्य के प्रति लग्न शील होना,अपने स्वामी के प्रति सच्ची निष्ठा सिखाता है।हमें सुन्दर काण्ड से सीख लेनी चाहिए और अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त कर जीवन को सफल बनाए।

श्रीराम कथा में मुख्य यजमान रणजीत सिंह उर्फ पल्लू सिंह, लालजीत सिंह, सर्वजीत सिंह ने विधि विधान से कथा व्यास का पूजन अर्चन किया। संरक्षक आशीष सिंह, कपिल देव सिंह, पूर्व विधायक रवि सोनकर, भोला तिवारी, परमहंस शुक्ला, लोकेश पाण्डेय, पप्पू सिंह, राधेश्याम जायसवाल, बृजेश गुप्ता, भानू रावत, रामू उपाध्याय, राधे कृष्ण सिंह, शिवा पाल, महेश सिंह, धु्रव सिंह, उदय शंकर लाल श्रीवास्तव, अविनाश श्रीवास्तव, प्रतिमा श्रीवास्तव, जगदीश पाण्डेय, मोहंती दूबे के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों द्वारा प्रतिदिन कथा के बाद भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। बुधवार को कथा के बाद यज्ञ, हवन आयोजित किया गया है।

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