नूर हॉस्पिटल की अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग, भाजयुमो नेताओं ने अधिवक्ताओं संग डीएम को सौंपा ज्ञापन
बस्ती (आयुष्मान टाइम्स) दक्षिण दरवाजा स्थित नूर हॉस्पिटल में लंबे समय से चल रही कथित अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नेताओं और अधिवक्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि नूर हॉस्पिटल के संचालक इम्तियाज अहमद खान, जो केवल एक्स-रे टेक्नीशियन हैं, बीते कई वर्षों से स्वयं को फिजिशियन एवं सर्जन बताकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। यह कार्य न केवल चिकित्सा नियमों का उल्लंघन है बल्कि भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के प्रावधानों का भी सीधा हनन करता है।
भाजयुमो जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस अवैध गतिविधि को लेकर पिछले आठ महीनों में कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे, नोडल अधिकारी एस.वी. सिंह द्वारा गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर नूर हॉस्पिटल को संरक्षण दिया गया, जो बेहद चिंताजनक है।
अधिवक्ता प्रदीप चौधरी और शिवशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि यह मामला न केवल जिले की चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि निर्दोष मरीजों के जीवन को भी गंभीर खतरे में डाल रहा है। वहीं, अधिवक्ता अमित पांडे और अभिनव सिंह ने कहा कि “आम जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के खिलाफ बस्ती का हर युवा सड़क पर उतरने को तैयार है।”
ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांग की गई कि —
1️⃣ नूर हॉस्पिटल की मान्यता को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
2️⃣ एक्स-रे टेक्नीशियन द्वारा चिकित्सक के रूप में कार्य करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में राजन कन्नौजिया, पल्लव श्रीवास्तव, हरिचंद चौधरी, राज चौधरी, कोमल दुबे, उमेश यादव सहित कई भाजयुमो कार्यकर्ता और अधिवक्ता उपस्थित रहे।


